दालचीनी के फायदे- दालचीनी के बारे मे पूरी जानकारी पढ़ें

दालचीनी के फायदे– दालचीनी से तो हम सभी वाकिफ हैं। आमतौर पर दालचीनी को हम मसाले की तरह ही उपयोग करते हैं। लेकिन आयुर्वेद में दालचीनी को बहुत ही गुणकारी औषधि माना गया है। इसके उपयोग से कई बीमारियों को ठीक करने में मदद मिलती है। वैसे दालचीनी एक मसाला ही है और यह पेड़ की छाल होती है इसमें एक बहुत अच्छी सुगंध व एक तीखा सा ठंडा स्वाद होता है। दालचीनी की पत्तियों में भी एक अलग प्रकार की खुशबू होती है और इन्हे भी खड़े मसालों में उपयोग किया जाता है जिसे तेजपत्ता या तेजपात भी कहते हैं।

दालचीनी के फायदे
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दालचीनी के फायदे

1. पेट के लिए उपयोगी

अगर किसी व्यक्ति को भूख नहीं लगती या कुछ समय से लगनी बंद हो गयी है तो यह पाचन क्रिया में गड़बड़ी या आमाशय में आयी दिक्क्तों की वजह से होता है।  दालचीनी पाचन क्रिया को दुरुस्त करती है और अपच, अफारा, गैस आदि की समस्या को दूर करती है।

यह आमाशय में आये विकारों को दूर कर आमाशय को सक्रिय करता है। जिन व्यक्तियों को कब्ज़ की शिकायत रहती है उन्हें दालचीनी का सेवन ज़रूर करना चाहिए। 

2. भूख बढ़ाने में उपयोगी

यह दालचीनी के फायदे मे से एक सबसे बड़ा फायदा है ये है की ये पेट की बीमारियों में सबसे ज़्यादा फायदा करती है। पेट में ऐंठन हो या पाचन सही से ना हो रहा हो, गैस, कब्ज़ या अजीर्ण की समस्या हुई हो इन सभी की वजह से भूख लगना बंद हो जाती है।

भूख बढ़ाने के लिए दालचीनी का सेवन करना चाहिए। बराबर मात्रा में दालचीनी,इलायची और शुंठी चूर्ण को पीस लें और एक टेबलस्पून सुबह और शाम खाने से पहले सेवन करने से भूख लगना शुरू हो जाती है।

3. हिचकी आने की समस्या में लाभकारी

दालचीनी के फायदे, ये हिचकी को तुरंत रोककर आराम दिलाता है। आमतौर पर हिचकी आना कोई बीमारी नहीं होती और न ही इस के लिए लोग कोई उपचार करते हैं।

पर कभी-कभी यह समस्या नज़रअंदाज़ करने लायक नहीं होती। लगातार हिचकी आते रहना, एक दिन से ज़्यादा हिचकी आते रहना ये सही नहीं होता। अगर आपको यह समस्या हो रही है तो दालचीनी का काढ़ा बनाकर पीने से आपको लाभ होगा।

4. उल्टी बंद करने के लिए

दालचीनी का उपयोग उल्टी बंद करने के लिए भी किया जाता है। अगर आपको एसिडिटी, एंग्जायटी या किसी और वजह से लगातार उल्टी हो रही है तो तुरंत दालचीनी और लौंग का काढ़ा बनाकर पीयें इससे उल्टी तुरंत बंद हो जाएगी। किसी गर्भवती महिला को भी अगर उल्टी आ रही हो तो यह काढ़ा पीने से लाभ मिलता है।

5. कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए

दालचीनी कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक है और इससे वजन भी नियंत्रित रहता है। वजन नियंत्रित रहने से कई बीमारियां तो शरीर में आती ही नहीं है। एक गिलास पानी में 1 चम्मच दालचीनी का चूर्ण और 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में 2 बार पीने से कुछ ही दिनों आपका वजन कम होने लगेगा।

6. दस्त बंद करने के लिए उपयोगी

किसी व्यक्ति को अगर डायरिया हो गया है तो 5 ग्राम पिसी हुई दालचीनी में 1 चम्मच शहद मिलकार दिन में 3  बार लेने से रोगी की हालत में सुधार आता है। या फिर दालचीनी का काढ़ा पीने से भी आराम मिलता है। बराबर मात्रा में दालचीनी के चूर्ण और कत्था को मिलाकर पीने से भी दस्तों में आराम पड़ता है।

7. गर्भवती महिलाओं के लिए दालचीनी की उपयोगिता

दालचीनी, इलायची, तेजपत्ता, त्रिकूट, पीपरामूल और अकरकरा की समान मात्रा लेकर इनका चूर्ण बना लें ओर शहद के साथ चाटने से गर्भवती महिलाओं के रोग दूर हो जाते हैं। 

8. चर्मरोगों में लाभदायक

दालचीनी में एंटी -बैक्टीरियल और एंटी – फंगस गुण भी पाए जाते हैं। शरीर पर फोड़े-फुंसी, खुजली या दाद हो जाए तो दालचीनी पाउडर को शहद में मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से कुछ ही दिनों में  फोड़े – फुंसी गायब होने लगते हैं।                    

9. कैंसर से बचाव में

दालचीनी कैंसर के खतरे को भी कम करती है। जो लोग नियमित तौर पर दालचीनी का सेवन करते हैं उनमे तुलनात्मक रूप से कैंसर का खतरा काफी कम होता है।

जब मानव शरीर में कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ती जाती हैं तब कैंसर होता है क्यूंकि दालचीनी मानव शरीर में अनावश्यक सेल्स को बढ़ने से रोकती हैं इसलिए यह कैंसर से बचाव में सहायक है।

10. डाइबिटीज़ की रोकथाम

दालचीनी मानव शरीर में रक्त में शर्करा (शुगर )की मात्रा को कम कर देती है इसलिए ऐसे व्यक्ति जिनका ब्लड शुगर हाई रहता है या अक्सर हो जाता है उन्हें दालचीनी का सेवन करना चाहिए। डाइअबीटीज़ से बचने के लिए यह आर्टिकल पढ़ें Ayurvedic Medicines for Diabetes.

11.एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज

दालचीनी में एंटी-ऑक्सीडेंट् प्रॉपर्टीज होती हैं जो शरीर के लिए हानिकारक रेडिकल्स को शरीर से बाहर निकालती हैं। यह हमारी कोशिकाओं को हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस से बचाती है. अगर आप चाय पीते हैं तो चाय में दालचीनी दाल सकते है या फिर दालचीनी का काढ़ा बना सकते हैं।   

12. माहवारी से सम्बंधित समस्याओं में उपयोगी

महिलाओं में अक्सर माहवारी से सम्बंधित समस्याएं देखी गयी हैं जैसे – अनियमित माहवारी, असामान्य दर्द का होना, सूजन आदि। ऐसे में आप दालचीनी का काढ़ा बनाकर दिन में दो बार पीयें ऐसा करने से काफी हद तक आराम मिलता है।

13.त्वचा के लिए लाभकारी

दालचीनी त्वचा के लिए बहुत ही अच्छी मानी गयी है। इसमें एंटी-माइक्रोबियल प्रॉपर्टीज होने की वजह से यह त्वचा को प्योरीफाई करती है। यह स्किन में खुजली, रैशेज़, एलर्जिक रिएक्शंस आदि को ठीक करती है। दालचीनी का तेल शरीर में आयी सूजन, लालिमा और दर्द को भी ठीक करता है।

14. घावों को भरने में

शरीर पर कहीं कट लग जाए या कोई घाव हो जाए तो दालचीनी पाउडर में शहद को मिक्स करके प्रभावित स्थान पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है।

15. बालों के लिए उपयोगी

आप दालचीनी को विभिन्न तरीकों से बालों पर अप्लाई कर सकते हैं जैसे- दालचीनी पाउडर में शहद, ऑलिव आयल मिलाकर लगा लें और 15 -20 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दे फिर शैम्पू कर लें ऐसा करने से बालो की अच्छी ग्रोथ होती है और उनमे चमक भी आती है।

दालचीनी खाने से नुकसान

कोई भी चीज़ चाहे कितनी भी बेनेफिशियल हो अगर उसकी अधिकता हो जाए तो वह हमेशा नुकसान का कारण बनती है। दालचीनी की अगर अधिकता हो जाए तो उससे भी नुकसान हो सकते हैं।  इससे होने वाले नुकसान –

1. लीवर डैमेज

दालचीनी की अधिकता हो जाए तो यह एक ही बार में लिवर को डैमेज कर सकती है। दालचीनी लेने की रोज़ की जो डोज़ होती है वह .1 मिलीग्राम /किलोग्राम होती है यानी कि 1 किलोग्राम वेट के लिए .1mg अगर किसी व्यक्ति का वजन 55 किलोग्राम है तो उसके लिए .55 mg दालचीनी की मात्रा होनी चाहिए अन्यथा यह लिवर को भारी नुकसान कर सकती है।

2. कैंसर को बढ़ावा

यह सुनने में आपको थोड़ा अजीब लगा होगा कि एक तरफ यह कैंसर से बचाती है और दूसरी तरफ इसे बढ़ावा भी देती है।  वो इसलिए कि दालचीनी की अधिक मात्रा ले लेने से यह हेल्थी सेल्स को भी नष्ट कर देती है यह इसमें उपस्थित कुमरिन की वजह से होता है जिसकी अधिकता से अच्छी सेल्स भी डैमेज होने लगती है और कैंसर का कारण बनती हैं।

3. मुँह के छाले

दालचीनी में उपस्थित Cinnamaldehyde के अधिक सेवन से मुँह में छाले आ सकते हैं।

4. सांस लेने में दिक्कत

दालचीनी एक स्पाइस है और किसी भी स्पाइस का अधिक सेवन करने से कफ की समस्या बढ़ जाती है और सांस लेने में दिक्कत पीड़ा हो सकती है।

5. ब्लड शुगर में कमी

एक तरफ जहां दालचीनी डायबिटीज़ में ब्लड शुगर कम करती है वही इसके अधिक सेवन से ब्लड शुगर बहुत कम हो सकता है।    

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