रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाए? इम्युनिटी कैसे बढ़ाएं?

रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाए? इस संसार में जितने भी मनुष्य रहते हैं वे सभी कभी न कभी किसी बीमारी से ग्रसित होते हैं। कोई व्यक्ति एक छोटी सी बीमारी या साधारण से फ्लू से भी नहीं लड़ पाते और कई घातक बीमारियों के चंगुल से भी छूट जाते हैं। एक जैसे वातावरण में रहने के बावजूद बीमारियां एक व्यक्ति को अक्सर घेर लेती हैं और दूसरे का कुछ नहीं बिगाड़ पाती। ऐसा इसलिए कि एक तो सबका शारीरिक मैकेनिज्म डिफरेंट होता है ओर दूसरा यह इम्युनिटी पर निर्भर करता है।

हम अक्सर अपने आस-पास इम्युनिटी सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता यह शब्द सुनते हैं। यह क्या है ?कैसे डेवेलप होती है ?मेन्टेन कैसे रहती है ?यह ज़रूरी क्यों है ? कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी के बाद इम्युनिटी कैसे बढ़ाएं ? ये सारे सवाल भी अक्सर हमारे दिमाग में आते रहते हैं। इन सब सवालों के जवाब आपको इस आर्टिकल में मिलेंगे।

रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाए?
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रोग प्रतिरोधक क्षमता क्या है ?

किसी भी व्यक्ति के शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता को ही इम्युनिटी कहते हैं। यह शरीर को किसी भी तरह के वायरस और बैक्टीरियल इन्फेक्शन से बचाती है। इम्युनिटी वह शक्ति है जो शरीर की कोशिकाओं, अंगो, टिशुओं, प्रतिरक्षा तंत्र की रक्षा करती है और शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करती है। किसी भी बाहरी वायरस का शरीर में प्रवेश होने पर यह उसको एक्टिव नहीं होने देती और शरीर को कोई भी नुकसान होने से पहले ही यह उस वायरस से लड़कर उसे नष्ट कर देती है।    

इम्युनिटी कैसे बनती है ?

इम्युनिटी कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो रातो रात या चंद दिनों में बन जाती है। वैसे इस तरह के कुछ कृत्रिम तरीके तो हैं जैसे की मल्टीविटामिन्स लेकर, एनर्जी बार लेकर, इनसे इम्युनिटी बन तो जाती है पर वह स्थायी नहीं रह पाती। स्थायी इम्युनिटी के लिए बचपन से ही बच्चों के उचित आहार, उनके सही पोषण का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है।  आपने सुना भी होगा की बचपन का खाया हुआ जवानी में और आगे बुढ़ापे तक काम आता है।

जिस इमारत की नींव मजबूत होगी तो वह हर तूफ़ान को झेल जाएगी, ठीक इसी तरह आपका शरीर भी होता है। बचपन से ही सारे न्यूट्रिएंट्स मिलेंगे तो हड्डियां, मांसपेशियां, उत्तक, पेशी तंत्र, कोशिकाएं, पाचन तंत्र, लीवर, फेफड़े सभी स्वस्थ रहेंगे।  

इम्युनिटी को मेन्टेन कैसे रखें ?

इम्युनिटी अच्छी होने के साथ साथ उसे मेन्टेन रखना यानी बनाये रखना भी उतना ही महत्त्वपूर्ण होता है। बस हमे अपने खान-पान, अपनी दिनचर्या पर ध्यान देने की ज़रुरत है। अगर आपकी इम्युनिटी अच्छी है तो आप इस बात को फॉर ग्रांटेड मत लीजिये इसे बनाये रखने के लिए प्रतिदिन सैर पर जाइये, योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, अपने खाने में ज़्यादा से ज़्यादा मौसमी फल और सब्ज़ियों का सेवन करें।

तरल पदार्थ जैसे लस्सी, जूस, छाछ, दही, फलों की स्मूदी, नारियल पानी, नीम्बू पानी आदि पर्याप्त मात्रा में लेना चाहिए। जितना हो सके बाहर का तला भुना खाने से परहेज़ करें। सुबह जल्दी उठना और रात में जल्दी सोना, पर्याप्त नींद लेना से भी अपनी आदत में शामिल कीजिये। भोजन में प्रोटीन की मात्रा अधिक होनी चाहिए। रात्रि भोज जल्दी मतलब सूरज छिपने तक कर लें और उसके बाद कम से कम 500 कदम टहलें। ये सभी करने से आपका शरीर स्वस्थ रहेगा और इम्युनिटी अच्छी बनी रहेगी।

कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी का सामना करने के बाद इम्युनिटी कैसे बढ़ाएं ?

1. योग और व्यायाम

इम्युनिटी बढ़ाने और स्वस्थ रहने के लिए सबसे पहले बात आती है योग और व्यायाम की। नियमित रूप से योग करने वाले व्यक्ति स्वस्थ रहने के साथ साथ अच्छी इम्युनिटी के मालिक भी होते हैं क्यूंकि एक तो योग और व्यायाम करने से आपका शरीर सक्रिय होता है दूसरा हानिकारक तत्व बाहर निकलते रहते हैं और शरीर डिटॉक्सीफाई होता रहता है।

आपका अनावश्यक वजन और मोटापा भी कण्ट्रोल में रहता है क्यूंकि कई सारी बीमारियाँ तो मोटापे और वजन बढ़ने की वजह से होती हैं। तीसरा बहुत सारे आसन ऐसे हैं जिन्हे करने से आप पेट की बीमारियों से दूर रहते हैं और अगर आपका पेट और पाचन तंत्र सुचारु रूप से काम कर रहे हैं  तो आप बमुश्किल ही बीमार पड़ेंगे।

2. खान-पान

स्वस्थ रहने और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए यह सबसे ज़रूरी तत्व है। खाना हमारे शरीर का ईंधन होता है और शरीर को सुचारु रूप से चलाने के लिए हम समय-समय पर इसमें ईंधन डालते रहते हैं लेकिन ध्यान देने योग्य बात यह है कि इसमें कैसा ईंधन जा रहा है। रोगों से लड़ने की शक्ति पाने के लिए खाना भी शक्तिवर्धक,संयमित और सादा रहना ज़रूरी है। कुछ ज़रूरी खाद्य समाग्री है जिन्हे आप अपनी डाइट में शामिल करके अपनी इम्युनिटी को बूस्ट कर सकते  हैं

a ) सूखे मेवों का सेवन

सर्दियों में आप नाश्ते में मुट्ठीभर ड्राई फ्रूट्स शामिल कीजिये जिसमे दो अखरोट की गिरियां, दो बादाम, दो काजू, चार किशमिश, एक अंजीर, दो पिस्ता की गिरियां, कुछ खरबूजे और कद्दू की गिरियां। या तो इन्हे आप ऐसे ही खा सकते हैं या दूध में इनका पेस्ट डालकर उबाल लीजिये और गरम गरम सेवन कीजिये।

गर्मियों के लिए दो अखरोट की गिरी, चार बादाम, एक अंजीर को रात भर के लिए पानी में भिगो दें और सुबह नाश्ते में या खाली पेट भी आप इनका सेवन कर सकते हैं। आप सही सूखे मेवे डालकर उनके लड्डू बना सकते हैं और जब भी दिन में आपका मंचिंग करने का मन करे तो कुछ भी तला भुना या अनहेल्दी खाने के बजाय आप ये खाये।  सर्दियों मे सुबह के समय पिस्ते का सेवन भी कर सकते है। पिस्ता के फायदे एवं नुकसान पढ़े।

b ) फलों का सेवन

अच्छी इम्युनिटी के लिए फल खाना बेहद फायदेमंद है। फलों से हमे विटामिन, फाइबर्स, मिनरल्स, पोटासियम, मैग्नीशियम, जिंक, आयरन ये सभी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। इसलिए फलों को अपने फ़ूड रूटीन में अवश्य शामिल कीजिये। अपने लंच से 1-2  घंटा पहले फ्रूट्स खाइये यह फल खाने का सर्वोत्तम समय होता है। खाना खाने के तुरंत बाद या रात के समय फल खाने से बचें।

c ) अंकुरित दालें और अनाज का सेवन

अंकुरित डालें प्रोटीन का एक अच्छा स्रौत मानी जाती हैं। इनमे प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन्स और पोषक तत्व होते हैं। अंकुरित डालें यानी स्प्राउट्स आप सलाद के तौर पर या नाश्ते में लीजिये आप पूरा दिन एनर्जेटिक महसूस करेंगे।

उत्तर भारत की परम्परा है यह सब गेंहू से बनी रोटियां खाते हैं इसे रोज़ाना खाने के बजाय कभी कभी मल्टीग्रेन आटे से बनी रोटियां खाइये जिनमे ज्वार, बाजरा, मक्का, सोयाबीन, गेंहू, चना ये सारे अनाज मिले होते हैं। ये खाने में तो स्वादिष्ट लगती ही हैं साथ ही साथ प्रोटीन, फाइबर्स का अच्छा स्रोत होती हैं।

d) दूध, दही, छाछ का सेवन

हमारा 70 % शरीर पानी से बना होता है।  तरल पदार्थो का अधिक से अधिक सेवन करना बहुत लाभकारी होता है ये तो हम सभी जानते हैं। पर तरल पेय का मतलब कोल्ड ड्रिंक्स और शुगर ड्रिंक्स से नहीं अपितु स्वास्थ्यवर्धक पेयों जैसे दूध, दही, लस्सी, छाछ, जूस इन सबसे है। दोपहर के खाने में दही या छाछ ज़रूर शामिल करें और रात को सोने से 1 घंटा पहले गरम या गुनगुने दूध का सेवन करें उसमे एक चुटकी हल्दी और एक चुटकी दालचीनी पाउडर डाल दें तो और भी अच्छा है।

e ) खूब पानी पीएं

आमतौर पर हम लोग पर्याप्त पानी पीना भूल जाते हैं अक्सर महिलाओं के साथ ऐसा होता है जिसकी वजह से साधरतया  सर दर्द, चक्कर आना, कमज़ोरी महसूस होना, पेट साफ़ न होना ये सारी दिक्क्तें होने लगती हैं। इन सब चीज़ों से बचने के लिए भरपूर पानी पीएं। 

कम से कम पूरे दिन में  2-3 लीटर पानी पीना चाहिए और इसकी ज़्यादा मात्रा आप शाम 5  बजे तक पी लें तो ज़्यादा अच्छा रहता है इसके बाद जब प्यास लगे तभी पानी पीएं क्यूंकि रात के समय ज़्यादा पानी पीने से आपको भारीपन हो सकता है और यूरिन ज़्यादा मात्रा में इकट्ठा होने से ब्लैडर को नुकसान पहुंच सकता है।   

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