ब्रह्म मुहूर्त में उठने के लाभ: ब्रह्म मुहूर्त में उठने से मिलती है सफलता

ब्रह्म मुहूर्त में उठने के लाभ: शास्त्रों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त निद्रा त्यागने के लिए सर्वोत्तम समय है और इस समय उठने से सौंदर्य, बल, विद्या, बुद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस वक्त जागकर अपने इष्ट देव या भगवान की पूजा, ध्यान , अध्ययन और पवित्र कर्म करना बहुत शुभ होता है एवं इस काल में की गई ईश्वर की पूजा का फल भी अति शीघ्र प्राप्त होता है।

ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे होता है?

सूर्य निकलने से पहले प्रातः काल 4 बजे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है। आपने किसी न किसी से यह ज़रूर सुना होगा कि सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए  या जब आप स्टूडेंट थे तो आपसे ज़रूर कहा गया होगा कि सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करनी चाहिए इससे आपको ज़्यादा लाभ मिलेगा। अक्सर हमने देखा है कि पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठने पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाता है।

लेकिन सच तो यह है कि आप चाहे जो कोई भी हैं स्टूडेंट हैं या फिर कोई एम्प्लॉई या रिटायर्ड हैं या फिर हाउसवाइफ और होममेकर सभी के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठना लाभ देने वाला होता है। अगर सुबह सुबह उठकर आपकी कोई काम करने की इच्छा नहीं होती तो भी आप उठिये, उठकर भगवान को याद कीजिये और थोड़ी देर बैठे रहे या उस समय जो करके आपको अच्छा लगता है वो कर सकते हैं।

ब्रह्म मुहूर्त में उठने के लाभ
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चाहे तो बिस्तर में बैठे बैठे ही कुछ देर भगवान को याद करे और फिर सो जाए।  बस आपको उस समय कुछ देर के लिए जागना होता है इससे आपको अपने जीवन में हैरान कर देने वाले बदलाव देखने को मिलेंगे।

लेकिन यह भी सच है की इन सब के बारे में जानते हुए भी जनसँख्या का एक बहुत बड़ा हिस्सा ब्रह्म मुहूर्त में नहीं उठ पाता। इसके लिए आपको किसी बहुत बड़ी प्रेरणा की ज़रुरत होगी। यह आर्टिकल आपके ही लिए है अगर आप वाकई अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम की तलाश में हैं तो यकीन मानिये यह बहुत अहम् साबित होगा।

जब आप ब्रह्म मुहूर्त में जागने लगेंगे तो आपके पास बाकी सब की तुलना में कम से कम 2 घंटे अधिक होंगे तो आप या तो बाकी लोगों की तुलना में ज़्यादा काम कर पाएंगे या अपने काम को ज़्यादा सटीक कर पाएंगे क्यूंकि आपके पास पर्याप्त समय होगा तो बिना किसी जल्दबाजी के आप उस काम में अपना 100 % दे पाएंगे। और यह तो आप जानते ही हैं कि अपने वर्कप्लेस या ऑफिस में सबसे अलग दिखने के लिए आपका काम एकदम परफेक्ट होना चाहिए। इससे आपकी प्रोफेशनल लाइफ में बदलाव आना तो सुनिश्चित है।

ब्रह्म मुहूर्त में उठने का धार्मिक महत्व

आयुर्वेद के अनुसार इस समय बहने वाली हवा चन्द्रमा से प्राप्त अमृत कणों से युक्त होती है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अमृत के समान  होती है। इसे वीर वायु कहते हैं। इस समय खुले आकाश के नीचे घूमने से शरीर में शक्ति का संचार होता है और शरीर कांतियुक्त हो जाता है।

जब यह अमृतमयी वायु हमारे शरीर को छूकर निकलती है तो इसके स्पर्श से हमारे शरीर में तेज, बल, शक्ति, स्फूर्ति एवं बुद्धि का संचार होता है जिससे मन प्रसन्न व शांत होता है। इसके विपरीत देर रात तक जागने से और देर सुबह सोने से हमें यह लाभकारी वायु प्राप्त नहीं हो पाती जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को अतिरिक्त कोई लाभ नहीं मिल पाते। अगर साधारण से असाधारण बनना है तो ब्रह्म मुहूर्त में जागने की आदत डालिये।

ब्रह्म मुहूर्त में उठने के वैज्ञानिक कारण

ब्रह्म मुहूर्त में जागने के वैज्ञानिक कारण भी हैं। सुबह के समय में बाकी दिन की तुलना में प्रदूषण भी कम होता है जिसकी वजह से हवा बहुत शुद्ध बहती है। इस वातावरण में टहलने , योग करने ,एक्सरसाइज करने से अधिक फायदे मिलते हैं क्यूंकि इस समय प्राणवायु ऑक्सीजन की मात्रा भी ज़्यादा होती है।

सुबह -सुबह पक्षियों की चहचाहट से मानसिक शान्ति मिलती है, यह एक स्ट्रेस बस्टर की तरह काम करता है। इससे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली मज़बूत होती है।

रक्त में पी-एच बैलेंस रहता है और शरीर के अंदर शक्ति-स्फूर्ति बढ़ती है। यह वायु हमारे अंदर खनिज और विटामिन्स के अवशोषण को बढ़ा देती है। हमारा दिमाग अधिक सक्रिय हो जाता है और हम मानसिक रूप से भी मजबूत महसूस करते हैं।इस समय जीवनी शक्ति हमारे फेफड़ों में होती है। इस समय गुनगुना पानी पीकर शुद्ध वातावरण में घूमने से फेफड़े मज़बूत बनते हैं।

ब्रह्म मुहूर्त और प्रकृति का रिश्ता

ब्रह्म मुहूर्त और प्रकृति में बहुत गहरा रिश्ता है। इस समय सभी पशु-पक्षी जाग जाते हैं उनकी मधुर चहचाहट शुरू हो जाती  है। कमल का फूल भी खिल उठता है। मुर्गे बांग देने लगते हैं। एक तरह से प्रकृति भी ब्रह्म मुहूर्त में चैतन्य हो जाती है। यह प्रतीक है उठने, जागने का। ऐसा लगता है मानो प्रकृति हमें ब्रह्म मुहूर्त में उठने के लिए सन्देश दे रही है।

ब्रह्म मुहूर्त में उठने से मिलती है सफलता व समृद्धि!

आयुर्वेद के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में उठकर टहलने से शरीर में संजीवनी शक्ति का संचार होता है।  इस समय बहने वाली वायु को अमृततुल्य कहा गया है। इसके अलावा यह समय पढ़ने के लिए भी सर्वोत्तम बताया गया है क्योंकि रात को आराम करने के बाद सुबह जब हम उठते हैं तो शरीर तथा मस्तिष्क में भी स्फूर्ति व ताजगी बनी रहती है।

मंदिरों के द्वार भी ब्रह्म मुहूर्त में खोल दिए जाते हैं तथा भगवान का श्रृंगार व पूजन भी इसी समय किया जाता है। ब्रह्म मुहूर्त में उठने वाला व्यक्ति जीवन में सफल, सुखी और समृद्ध होता है, क्योंकि जल्दी उठने से दिनभर के कार्यों और योजनाओं को बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने वाला हर व्यक्ति सुखी और समृद्ध हो सकता है। वह जो काम करता है उसमें उसकी प्रगति होती है। विद्यार्थी परीक्षा में सफल रहता है।

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